गिड़गिड़ाते शिक्षक धौंस देते अधिकारी फिर भी शिक्षकों की समस्याएं  जस की तस

भिंड / (संवाददाता)/ भिंड जिला मध्यप्रदेश में इकलौता जिला ऐसा है जहां शिक्षकों को निरीह प्राणी से ज्यादा और कुछ नहीं समझा जाता और वो अगर अपनी जायज समस्या उच्च अधिकारियों को बताना चाहता तो उल्टे उसे उनके गुस्से का कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है । पिछले दिनों शिक्षकों ने सांकेतिक धरना व ज्ञापन भी दिए जिसमें शिक्षकों की समस्या का निराकरण के लिए कैंप या कलेक्ट्रेट कक्ष में शिक्षा विभाग के कर्मचारी विधिवत तीन दिन बैठ कर उनका हल करने का था ।लेकिन शिक्षक जो ठहरे उनकी सुनने वाला दूर दूर तक नहीं है । सो बेचारे एरियल, क्रमोन्नति वेतनमान, या फिर अतिशेष का मामला हो। सब घालमघाल है। बस शिक्षकों की गलती एक है कि अपने बच्चों का पेट काटकर चढ़ौती नहीं चढ़ाते । जो चढ़ा देते हैं उनके कार्य सिद्ध हो जाते हैं । वहीं गिरिराज सिंह भदौरिया प्रदेश प्रवक्ता न्यू मूमेंट फॉर ओल्ड पेंशन संघ मध्यप्रदेश का कहना है कि जिले भर के शिक्षको को एक वर्ष से प्रताडित किया जा रहा है। कलेक्टर साहव सुधार का प्रयास करना चाहते हैं लेकिन शिक्षा विभाग के ही अधिकारी साहब की सुधार नीति पर काम ही नहीं करना चाहते । इसका मुख्य कारण हैं कि उन्ही अधिकारियो पर भरोषा करना जो समस्याओ के जन्म दाता हैं जिनके पास पोर्टल पर डाटा फीड करने की जवाब दारी हैं वो चंद्र लालसाओ में या किसी अन्य प्रकार के स्वार्थ में गलत फीडिंग कर बैठे हैं । श्री भदौरिया ने आगे बताया कि कलेक्टर महोदय; यदि वास्तव में समस्याओ को हल करना चाहते हैं तो हर महिने जनप्रतिनिधियो की उपस्थित में (माननीय बिधायक) जी की उपस्थित में समीक्षा बैठक करना शुरू करे जिसमें हर बिधान सभा से माननीयो की उपस्तिथि हो जिससे शासन की मंशानुसार शिक्षा का बिकास होगा और भ्रटाचार पर अंकुश लगेगा देखते हैं जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है ये तो आने वाला समय ही बताएगा । ;

गिड़गिड़ाते शिक्षक धौंस देते अधिकारी फिर भी शिक्षकों की समस्याएं  जस की तस

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